रणकपुर जैन मंदिर – रणकपुर (राजस्थान)

राजस्थान में अरावली पर्वत की घाटियों के मध्य चारों ओर जंगलों से घिरे रणकपुर में भगवान ऋषभदेव का चतुर्मुखी जैन मंदिर है। जंगलों से घिरे होने के कारण इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है। भारत के जैन मंदिरों में संभवत: इसकी इमारत सबसे भव्य एवं विशाल है। रणकपुर […]

रानी की वाव – पाटन (गुजरात)

अपनी अनूठी वास्तुशैली के लिए विश्व भर में मशहूर विशाल “रानी की वाव” गुजरात के पाटन शहर में स्थित है। इस भव्य बावड़ी का निर्माण सोलंकी वंश के शासक भीमदेव की पत्नी उदयमति ने 10वीं-11वीं सदी में अपने स्वर्गवासी पति की स्मृति में करवाया था। करीब 1022 से 1063 के […]

चाँद बावड़ी, आभानेरी (राजस्थान)

9वीं शताब्दी में निर्मित इस बावड़ी का निर्माण राजा मिहिर भोज (जिन्हें इतिहास में चाँद के नाम से भी जाना जाता था) ने करवाया था, और उन्हीं के नाम पर इस बावड़ी का नाम “चाँद बावड़ी” पड़ा। यह दुनिया की सबसे गहरी बावड़ी हैं, जो चारों ओर से लगभग 35 […]

गणेश डूंगरी – कुचामन (राजस्थान)

कुचामन शहर के नगरसेठ (आराध्य देव) भगवान श्री गणेश जो कि शहर के उत्तर पूर्वी भाग में अरावली पर्वतमाला की एक पहाड़ी पर सिद्धि विनायक स्वरूप में विराजमान हैं।डूंगरी (छोटी पहाड़ी) पर होने से इसे आस-पास में “गणेश डूंगरी” के नाम से जाना जाता हैं।सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर की […]

काशीराज काली मंदिर – काशी (उत्तरप्रदेश)

मंदिरों के शहर काशी में कुछ मंदिर ऐसे भी हैं, जिन्हें देखने के बाद सहसा ही मन कह उठता हैं “लाजवाब”।स्थापत्य कला की दृष्टि से बेहतरीन मंदिरों में से एक हैं – “काशीराज काली मंदिर”।इस मंदिर में माता काली जी की भव्य प्रतिमा के साथ शिवलिंग और अन्य देवी-देवताओं की […]

श्रीपुरम (स्वर्ण मंदिर), वेल्लोर (तमिलनाडु)

श्रीपुरम मंदिर भारत के तमिलनाडु राज्य में थिरुमलाइकोडी (मलाइकोडी), वेल्लोर में छोटी पहाड़ियों के तल पर “श्रीपुरम आध्यात्मिक पार्क” में स्थित है।इस मंदिर में श्री लक्ष्मी नारायणी या महालक्ष्मी (धन की देवी) की आराधना की जाती है।इस मंदिर को 24 अगस्त 2007 को भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिया गया।अनुमानतः यह […]