तमिलनाडु में कई प्राचीन शहर है जिसमें से एक है महाबलीपुरम जो समुद्र तट पर स्थित है। इस शहर का इतिहास बहुत ही प्राचीन और भव्य है।

7वीं और 10वीं सदी के पल्लव राजाओं द्वारा बनाए गए कई मंदिर और स्थान यहां की शोभा बढ़ा रहे हैं। कांचीपुरम पर राज करने वाले पल्लवों की यह दूसरी राजधानी थी।

महाबलीपुरम के समुद्री तट पर पंच रथ या पंच पांडवों का रथ नामक मंदिर है। यह एक सुन्दर स्मारक परिसर है जिसका निर्माण 7वीं सदी में महेंद्र वर्मन प्रथम और बेटे नरसिंह वर्मन प्रथम ने करवाया था।

पंच रथ के पांच स्मारकों को पूरी तरीके से रथ के समान बनाया गया है जो सभी ग्रेनाइट पत्थर को खोद-खोद कर बनाए गए हैं। इसमें महाभारत की कहानी को दर्शाते हुए कलाकृतियां देखने को मिलती हैं। यह सभी रथ बड़े से छोटे आकार में इस प्रकार से हैं- धर्मराज रथ, भीम रथ, अर्जुन रथ, नकुल एवं सहदेव रथ और द्रौपदी रथ।