इस मंदिर में भगवान की दत्तात्रेय की चरण पादुकाएँ आज भी स्थित है जो कि गुजरात के जूनागढ़ के पास स्थित गिरनार पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है! भगवान दत्तात्रेय ब्रम्हा, विष्णु, महेश का संयुक्त रूप हैं, इन्हें आदिगुरु के रूप में जाना जाता है!

भगवान दत्तात्रेय ने गिरनार पर्वतमाला की एक चौटी पर कठोर तपस्या की थी, आज भी उनकी चरण पादुकाएँ आज भी गिरनार पर्वतमाला पर स्तिथ है गिरनार को “सिद्धक्षेत्र” कहा जाता है!

भगवान दत्तात्रेय की चरण पादुकाओ के दर्शन प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं को 10 हजार सीडी़यो की चढाई करनी पड़ती है यह चढ़ाई बहुत कठिन है इसके लिए बहुत परिश्रम करना पड़ता है इसके लिए अपार श्रद्धा, लगन का होना जरूरी है!

गिरनार पर्वतमाला 70 मील के क्षेत्रफल में फेली हुई है इस पार्वत की सबसे ऊंची चोटी 1000 मीटर से भी ऊँची है! जबकि मंदिर वाली पहाड़ी का परिक्रमा व्यास लगभग 40 किमी का है!